Saturday, 31 December 2016

साल की आख़री उम्मीद - मुक्ता

हर बार साल की आखिरी तारीख
मेरे लिए एक उम्मीद लेकर आती है ,
कि शायद कभी तुम्हे साथ बिताया
 हर लम्हा याद आ जाएगा |

वो वक़्त जिसमे हर पल, एक ज़िन्दगी की तरह जिया गया था
जब चारदीवारी में कैद थी सारी खुशियां
जब तुम्हारे और मेरे दरमियां नहीं थी दूरियां ,
सोचती हूँ  हर बार,  कि शायद इस आखिरी तारीख को
तुम्हे मेरी याद सताएगी ।
तुम भूल जाओगे हर बंदिश
हर वो बात जो तुम्हे मेरा हाथ थामने से रोकती थी ,
लेकिन साल की आखिरी रात भी बीत जाती है, नाउम्मीदी के साथ

और याद आ जाती है मुझे ज़िन्दगी की सच्चाई ,
कि तुम भी अब बीते साल की तरह हो ,
मेरी ज़िन्दगी में कभी लौट कर नहीं आ सकते
तुम कभी वो वक़्त वापिस नहीं ला सकते ।

                          - ----- मुक्ता  भावसार

#नए साल की बहुत बहुत शुभकामनाएं
#जो पार्टी कर रहे हैं वो करते रहें और जो नहीं कर रहे वो पढ़ते रहें
#happy_new_year_2017