Wednesday, 24 August 2016

सब कुछ ठीक हो जायेगा !

सब कुछ ठीक हो जायेगा !

उसने कहा सब कुछ ठीक हो जायेगा और  उठ कर चली गई , मैं काफी देर तक वहीं बैठा रहा ,
सब कुछ ठीक हो जायेगा ! कितना आसान और सरल लगता है ना ये ,
पर क्या ठीक होगा , और कैसे होगा ,
कौन करता है सब ठीक , क्या सब ठीक करने के पैसे भी लगते हैं , अगर लगते होंगे तो जो सब ठीक करता है वो बहुत पैसे वाला होगा ।
स्टेशन के बहार जो बड़े बाल वाला आदमी बैठता है कुछ अंगूठियां और ताबीजें ज़मीन पर फैलाये लोग कहते है उस् की ताबीज़ों से सब ठीक हो जाता है , पर वो आदमी तो पैसे वाला नहीं लगता नहीं तो वो अपने लिए नया कपड़ा ले लेता ताबीजें बिछाने के लिए ।

मैं जब भी वहाँ से गुज़रता हूँ उस् आदमी को लोगों से घिरा पाता हूँ , कोई कुछ खरीदता नहीं है बस उस के आस पास खड़े रहते है , मैं कई बार सोचता हूँ के कोई ये ताबीज़ खरीदता क्यों नहीं , आखिर कोई अपनी ज़िन्दगी में सब कुछ ठीक करना क्यों नहीं चाहेगा !

मैं क्यूँ नहीं लेता ताबीज , क्योंकि मुझे ख़ुद नहीं पता के मुझे क्या ठीक करवाना है ।
मैंने बहुत पहले कहीं पढ़ा था , या शायद सुना होगा मुझे ठीक से याद नहीं  के , जिन लोगों की ज़िन्दगी में परेशानियाँ नहीं होती वो परेशानियां बनाने लगते है |


                              ---------  ब्लॉग मालिक