Sunday, 27 November 2016

सब पूछते हैं मुझसे तुम कौन हो - मुक्ता

किसी ने पूछातुम्हारी कविताओं में 'तुमकौन है ?
मैंने कहा जो 'तुमको 'हममें तब्दील ना कर सका
जिसकी ज़िन्दगी में, 'मैंहमेशा गुमनाम रही
कैसे बता देती कि कौन है वो ?
उसका  नाम लिया तो हंगामा मच जाएगा
बहुत नाम वाला है वो खामखा बदनाम हो जाएगा
नाममानसम्मान और पहचान से बड़ा प्यार कब हुआ है
उसने ज़िन्दगी में नाम कमाया
हर ख्वाब को सच कर दिखाया
हर नामुमकिन मुकाम को पाया
पर सुना है अब वो तन्हा है
काश 'मैं और तुमहम हो पाते
वो भी यही सोचता है
पर काश मुमकिन कब हुए

जो बिछड़े वो फिर कब मिले है |

                                ----- मुक्ता भावसार